BHU: य़ुवा महोत्सव स्पंदन में नाटकों से दिया संदेश, गुदगुदाया भी

BHU: य़ुवा महोत्सव स्पंदन में नाटकों से दिया संदेश, गुदगुदाया भी


बीएचयू के अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन में मंगलवार को नृत्य, संगीत, नाटक, प्रहसन और मोनो एक्टिंग की धूम रही। उत्साह से लबरेज छात्र-छात्राओं ने दर्शकों को गुदगुदाया, ठहाके लगवाये। साथ ही उन तक लघु नाटकों व प्रहसन में छिपे गूढ़ संदेश पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। ये संदेश नारी सुरक्षा व सम्मान, समाज की नकारात्मक सोच में बदलाव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े थे। 


प्रतिभागियों की दमदार प्रस्तुतियों पर एंफीथियेटर मैदान से लेकर पं. ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। एक्जीबिशन हॉल में मेहंदी की खुशबू बिखरी। पोस्टर मेकिंग और ऑन स्पॉट फोटोग्राफी में भी प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक क्षमता को प्रदर्शित किया।  वेस्टर्न वोकल सोलो में प्रतिभागियों की गायन प्रतिभा झलकी। बीच-बीच में ढोल नगाड़े की धुन पर दर्शक दीर्घा में बैठे विद्यार्थी अपनी जगह पर खड़े होकर नाचते दिखे। उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का हौसलाअफजाई की। 


स्वतंत्रता भवन सभागार में लघु नाटिका की प्रस्तुतियां हुईं। सआदत हसन मंटो की कहानियों पर आधारित नाटिका ‘अफ़साना निगार’ में कला संकाय के छात्र छात्राओं ने विभाजन की त्रासदी प्रदर्शित की। महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने ‘भ्रष्टाचार’ पर कटाक्ष किया। हास्य व्यंग्य से भरपूर इस प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से स्वच्छता,  शिक्षा का महत्व भी बताया। 


दृश्य कला संकाय के एक्जीविशन हॉल मेहंदी प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अपनी हथेलियों पर मेहंदी से पशु-पक्षी, फूल आदि डिजाइनों में प्रकृति के विविध रूप सजाए। पोस्टर मेकिंग व ऑन स्पॉट फोटोग्राफी का विषय प्रकृति का रंग प्रकाश व स्वरूप था। मोनो एक्टिंग में शामिल 18 प्रतिभागियों ने यौन हिंसा, सड़क सुरक्षा, नशा, दंगा, वेश्या के जीवन की व्यथा को रेखांकित किया।